बातें कितनी भारीभारी करती थी
देखो भी किस से हुश्यारी करती थी
हम ने उस दिल में भी दस्तक दी है दोस्त
जिस की दुनिया पहरेदारी करती थी
पागल लड़की देख अकेले पड़ गई ना
मुझ को ले कर रायशुमारी करती थी
— Armaan khan
देखो भी किस से हुश्यारी करती थी
हम ने उस दिल में भी दस्तक दी है दोस्त
जिस की दुनिया पहरेदारी करती थी
पागल लड़की देख अकेले पड़ गई ना
मुझ को ले कर रायशुमारी करती थी
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