क्या क्या वो इंसान बताया करता था
हमको वो अनजान बताया करता था
उसका ही गुलशन देखो है उजड़ गया
जो हमको वीरान बताया करता था
आखिर में देखो हासिल है कुछ भी नहीं
ये सबको शमसान बताया करता था
उसकी चालाकी के ही अब चर्चे हैं
जो खुदको नादान बताया करता था
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