अपने इस रिश्ते का भी कुछ नाम कर दो
ख़ुद को राधा और मुझ को श्याम कर दो
बाजे मुरली तो मैं बन जाता सवेरा
ख़ुद को तुम पनघट की सुंदर शाम कर दो
ज़िन्दगी का अब सफ़र मुश्किल से कटता
मुझ से जुड़कर तुम इसे अंजाम कर दो
इस परेशाँ दिल को भी राहत मिले अब
जारी कुछ फ़रमान इस के नाम कर दो
आ गया है अब तेरी महफ़िल में 'भोला'
नाम कर दो या मुझे बदनाम कर दो
— Swapnil Srivastava 'Bhola Lucknowi'















