अगर दर्द दिल से जुदा हो रहा है
समझ लीजिए कुछ बुरा हो रहा है
गुलों की महक आ रही है चमन से
यक़ीनन किसी का भला हो रहा है
वफ़ा कर रहे हैं जफ़ाओं के बदले
मुहब्बत का हक़ यूँँ अदा हो रहा है
नशा हो गया है उसे धन का यारों
ज़माने का वो अब ख़ुदा हो रहा है
सफ़र सख़्त काँटे बिछे रास्ते में
अभी वक़्त से सामना हो रहा है
कई ग़म लगे हैं मिरी ज़िन्दगी में
बता मेरे यारब ये क्या हो रहा है
'धरम' उम्र ऐसी न कुछ सोचता हूँ
भला हो रहा या बुरा हो रहा है
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