"ख़त"
हम ने सोचा था करेंगे इश्क़ तो ख़त लिखेंगे
सारी बातें बे-हिसाब यादें उन के संग लिखेंगे
लिखेंगे मोहब्बत तो उस का ख़याल आएगा
ख़त भरते भरते उन पर बे-हिसाब प्यार आएगा
आएगा ख़याल उन का तो मेरी आँखें भर जाएँगी
लबों पर उस का नाम होगा स्याही ख़त्म हो जाएगी
हो जाएगी अगर स्याही ख़त्म तो क़लम बदले जाएँगे
दिल की बात थोड़ी भी लिख गई तो ख़त भर जाएँगे
ख़त भर जाएँगे तो दिल की बात अधूरी रह जाएगी
समझ गई तुम तो ठीक नहीं तो हम अधूरे रह जाएँगे
— Devansh gupta















