“नए बरस के पहले पहले”

हम ने अबकी सोच रखा है
नए बरस के पहले पहले
अपने दिल का
लाश कहीं पर दफ़ना देंगे
या फिर इस को समझा देंगे
जाहिल अपनी
हद में रह कर इश्क़ किया कर
सही ग़लत सब देख लिया कर
वरना प्यारे
इस दुनिया के लोग बहुत बेग़ैरत हैं
तुझ को क़दम क़दम पे तोड़ेंगे
बर्बाद करेंगे ये तुझ को
फिर तूँ तन्हा यहाँ वहाँ भटकेगा
धक-धक धड़केगा
इस से बेहतर नए साल से
इश्क़ विश्क़ के पागलपन से
दूर रहेंगे काम करेंगे।
हम ने अबकी सोच रखा है
नए बरस में नाम करेंगे

— Gaurav Singh

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