सच है मुझे ख़राब का मतलब नहीं पता
ऐसा नहीं 'अज़ाब का मतलब नहीं पता
वह शख़्स जिसने देखा नहीं तुझको अबतलक
समझो उसे शबाब का मतलब नहीं पता
क्या है पता कि देखते हैं तुझको देर तक
वो जिनको ला-जबाव का मतलब नहीं पता
मैं उसकी आँखें देखता और सोचता हूँ ये
दुनिया को फिर शराब का मतलब नहीं पता
हम 'इश्क़ करने वालों में बस इक ख़राबी है
हमको शिकस्त-याब का मतलब नहीं पता
तू उसके साथ कब से है और वो कि ख़ुश नहीं
फिर उसको दस्तियाब का मतलब नहीं पता
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