teri tasveer jo aankhoñ men thehar jaati hai | तेरी तस्वीर जो आँखों में ठहर जाती है

  - Hasan Raqim

तेरी तस्वीर जो आँखों में ठहर जाती है
मेरे दिल में तेरी हर याद निखर जाती है

कुछ इस तरह से वो मेरे ज़ेहन में बैठा है
वो ही दिखता है जिस भी ओर नज़र जाती है

मैं ग़म की तीरगी में जब भी डूबने लगता
वो रौशनी सी मेरे दिल में उतर जाती है

चंद लम्हों में कोई शख़्स पसंद आता है
और पाने में उसे 'उम्र गुज़र जाती है

मेरी हर बात से यूँँ तो ख़फ़ा रहती है मगर
वो मेरे वास्ते दुनिया से मुक़र जाती है

  - Hasan Raqim

Chehra Shayari

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