तुम कैसे हर बार हदों को
कर देते हो पार हदों को
माना इश्क़ बुरा होता है
बस में रक्खो यार हदों को
आशिक़ ग़ुस्से में कहता है
बिल्कुल ही बेकार हदों को
मैं तो हूँ आज़ाद परिंदा
माने ये संसार हदों को
— jaani Aggarwal taak
कर देते हो पार हदों को
माना इश्क़ बुरा होता है
बस में रक्खो यार हदों को
आशिक़ ग़ुस्से में कहता है
बिल्कुल ही बेकार हदों को
मैं तो हूँ आज़ाद परिंदा
माने ये संसार हदों को
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