"मोहब्बत"
मेरी शिद्दत से की गई मोहब्बत
ख़ुदा के इबादत से कम न थी
ख़ैर वो बात और है की
ख़ुदा ने मुझ पर रहमत न की
दिल ऐसा उस से लगा मैं बैठा
कभी मैं ने ख़ुद से वैसी मोहब्बत न की
वफ़ा की उम्मीद भी मैं ने उस से की
बेवफाओं से बचने की जिस ने हिदायत थी दी
— Kohar















