मौत इक बार तो बस आनी है
आँख पर दोस्त ये क्यूँ पानी है
बात से जो भी यहाँ डर जाता
फिर नहीं यार वो अरमानी है
बात महफ़िल से उठी उसकी है
यार फिर कैसे वो अनजानी है
ये मेरी बात सुनो यारो सब
ज़िंदगी सब की यहाँ कानी है
आपकी बात अलग होती है
ज़िंदगी तो ये बहुत छानी है
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