आशिक़ी भी क्या कोई आदत बुरी है?
क्या? नहीं, तो इश्क़ में वहशत बुरी है?
राजा कहता है की ये शोहरत बुरी है
क्यूँ तो मुफ़्लिस कहता है मेहनत बुरी है
बे-वफ़ा क्यूँ कह दिया रुख़्सत पे उस को
कोई बोलो इन को की ग़ीबत बुरी है
ख़्वाब तेरे मेरे अब है सब से अव्वल
मुझ को लगता है, की हैसिय्यत बुरी है
"मन" तुम्हारे बारे में, है लोग कहते
आदमी तुम अच्छे हो क़िस्मत बुरी है
— Manish jain















