हाथों में अब जाम नहीं भाता उस को
जाने क्यूँ ये काम नहीं भाता उस को
अक्सर वो बस आप अजी ही कहती है
शायद मेरा नाम नहीं भाता उस को
जिस का बचपन आँगन में गुज़रा हो फिर
महलों का आराम नहीं भाता उस को
— Ravi 'VEER'
जाने क्यूँ ये काम नहीं भाता उस को
अक्सर वो बस आप अजी ही कहती है
शायद मेरा नाम नहीं भाता उस को
जिस का बचपन आँगन में गुज़रा हो फिर
महलों का आराम नहीं भाता उस को
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