आज जो गर तू मेरे प्यार को ठुकराएगी
तो समझ लेना मेरी जाँ बड़ा पछताएगी
क्यूँ तेरे प्यार को ठुकराया था मुझ पागल ने
सर को ये सोच के दीवार में टकराएगी
दिल को हर रोज़ ये कह कह के मैं बहलाता हूँ
आएगी आएगी वो आएगी हाँ आएगी
कोई ख़ुश होगा कहीं कोई लहू रोएगा
जब मेरे मरने की बस्ती में ख़बर जाएगी
बिस्तर-ए-हिज्र पे हम सोने के आदी हैं शजर
बिस्तर-ए-वस्ल पे सो नींद नहीं आएगी
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