aapse jitna kaha hai aap bas waisa karen | आपसे जितना कहा है आप बस वैसा करें

  - Shajar Abbas

आपसे जितना कहा है आप बस वैसा करें
बे सबब गुलशन में जाकर फूल मत तोड़ा करें

पढ़ रहा हूँ बर-सर-ए-मजलिस मसायब हिज्र के
आप पे वाजिब है मेरे हाल पर गिर्या करें

बादशाह-ए-सल्तनत ने लूट ली सर से रिदा
हम असीर-ए-ना-तवाँ किस चीज़ से पर्दा करें

ख़ेमा-ए-दिल में चराग़-ए-इश्क़ रौशन हो गया
ख़ेमा-ए-दिल में चलो चलकर अदा सज्दा करें

क़ाबिल-ए-तारीफ़ है हुस्न-ए-मता-ए-जाँ शजर
नज़्म में हुस्न-ए-मता-ए-जान पर चर्चा करें

  - Shajar Abbas

Naqab Shayari

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