sitamgaron ke sitam ka jawaab hona tha | सितमगरों के सितम का जवाब होना था

  - Shajar Abbas

सितमगरों के सितम का जवाब होना था
तुम्हारे दस्त-ए-अदब में गुलाब होना था

किसी के हाथ हिना से सजे हुए होते
किसी के चाँद से रुख़ पे नक़ाब होना था

गुनाहगार थे तुम लोग बिन्त-ए-हव्वा के
शदीद तुम पे ये नाज़िल अज़ाब होना था

तुम आ गए थे सिमटकर हमारी बाँहों में
मुनाफ़िक़ों का कलेजा कवाब होना था

वो पूछ बैठे थे तुम हमसे प्यार करते हो
सो यार हमको तो फिर ला जवाब होना था

  - Shajar Abbas

Zakhm Shayari

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