na KHud ko milo aise khona padega | न ख़ुद को मिलो ऐसे खोना पड़ेगा

  - SHIV SAFAR

न ख़ुद को मिलो ऐसे खोना पड़ेगा
तुझे इस क़दर मेरा होना पड़ेगा

न सोचो मुहब्बत है तो बख़्श दूंगा
तुझे मेरे जैसे ही रोना पड़ेगा

गुज़ारा हूँ शब कैसे तुम भी तो जानो
खुली आँखों से तुमको सोना पड़ेगा

तेरे ज़ख़्म का जब न मरहम मिलेगा
तुझे घाव आंसू से धोना पड़ेगा

नहीं इतना आसान लिखना है यारों
तुम्हें ख़ुद को ग़म में डुबोना पड़ेगा

हमारी तरह ग़म की लत लग गई जो
तो ख़ंजर तुम्हें ख़ुद चुभोना पड़ेगा

  - SHIV SAFAR

Sad Shayari

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