“तवज्जोह”
मैं सुनाता हूँ एक नज़्म उस पे
जिस का उनवान उस का नाम ही है
और इस तरह नज़्म ख़त्म हुई
शुक्रिया आप की तवज्जोह का
— SHIV SAFAR
मैं सुनाता हूँ एक नज़्म उस पे
जिस का उनवान उस का नाम ही है
और इस तरह नज़्म ख़त्म हुई
शुक्रिया आप की तवज्जोह का
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