बिना उस के ज़बाँ नहीं होती
ये ख़ामोशी बयाँ नहीं होती
सभी माँओं के होते हैं बच्चे
सभी बच्चों की माँ नहीं होती
न होते राम कृष्ण जग में तो
सियासत फिर मियाँ नहीं होती
— SIDDHARTH SHARMA
ये ख़ामोशी बयाँ नहीं होती
सभी माँओं के होते हैं बच्चे
सभी बच्चों की माँ नहीं होती
न होते राम कृष्ण जग में तो
सियासत फिर मियाँ नहीं होती
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