निभाने का तेरा इरादा न हो
तो मुझ से कोई झूठा वा'दा न हो
मोहब्बत रहे गाँवों सा तंग यार
ये शहरों के जैसे कुशादा न हो
असर हो मोहब्बत के नग्मों का, पर
माँ की लोरी से ये ज़ियादा न हो
— SIDDHARTH SHARMA
तो मुझ से कोई झूठा वा'दा न हो
मोहब्बत रहे गाँवों सा तंग यार
ये शहरों के जैसे कुशादा न हो
असर हो मोहब्बत के नग्मों का, पर
माँ की लोरी से ये ज़ियादा न हो
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