suno main chahta hooñ ab ki aisi baat ho jaa.e | सुनो मैं चाहता हूँ अब कि ऐसी बात हो जाए

  - ALI ZUHRI

सुनो मैं चाहता हूँ अब कि ऐसी बात हो जाए
वहाँ तुम ज़ुल्फ़ बिखराओ यहाँ बरसात हो जाए

कभी लब को तेरे चूमूँ कभी ज़ुल्फ़ें सँवारूँ मैं
भली सी एक ख़्वाहिश है कि ऐसी रात हो जाए

निगाहें यूँँ मिलाओ तुम नज़र के तीर बरसाओ
कभी जो जंग हो तुम सेे हमारी मात हो जाए

सितारे यूँँ तकें तुझको चमकता चाँद लगती है
अगर आँचल तेरा ढलके फ़लक में रात हो जाए

किसी जानिब को जब निकले सफ़र में हम सेफ़र हो तू
भला क्या बात हो जानाँ तेरा जो साथ हो जाए

तमन्ना है यही मेरी कि तेरा हाथ मिल जाए
तुझे हम पा अगर जो लें बसर औक़ात हो जाए

  - ALI ZUHRI

Aankhein Shayari

Our suggestion based on your choice

More by ALI ZUHRI

As you were reading Shayari by ALI ZUHRI

Similar Writers

our suggestion based on ALI ZUHRI

Similar Moods

As you were reading Aankhein Shayari Shayari