आमद-ए-इश्क़ की सौग़ात में बरसी है शराब
उन से पहली ही मुलाक़ात में बरसी है शराब
हाए क्या होगा वो मेहमान बनाएगी तब
हाल जब है कि हवालात में बरसी है शराब
कीजिए ग़ौर की बे-वजह ही बैठे हो उदास
नाचिए झूमिए बरसात में बरसी है शराब
दुश्मनों ने भी दुआ की है कि नींद आ जाए
इश्क़ वालों के लिए रात में बरसी है शराब
— Aatish Indori















