वक़्तलगताहैज़मानेपेअसरहोनेतक
दादकीफ़िक्रनहींअर्ज़-ए-हुनरहोनेतक
आतिश-ए-हिज्रमेंजलतेहैंशररहोनेतक
बूझनजाएकहींहमलोगसहरहोनेतक
तुमकिसीघरकोहिक़ारतसेनदेखोयारो
उम्रलगतीहैयहाँठाटकाघरहोनेतक
दिनगुज़रताहैइसीसोचमेंहररोज़मिरा
रातकिसहालमेंगुज़रेगीसहरहोनेतक
यूँँतोमुश्किलभीमगरआजग़ज़लकीज़ुल्फ़ें
हमसँवारेगेयहाँरातबसरहोनेतक
आजउनलोगोंनेपलकोंपेबिठारखाहै
कलकोजोख़ुशथेमेरेज़ेर-ओ-ज़बरहोनेतक
आयाजायाकरोकूचेमेंहमारे,वरना
"ख़ाकहोजाएँगेहमतुमकोख़बरहोनेतक"
होजोअल्ताफ़निगाहोंमेंकभीताब-ए-नज़र
देखतेजाईयेक़तरेकोगुहरहोनेतक