जब तुम्हारी बात होगी
वो ग़ज़ल की रात होगी
गुनगुनाए गीत सावन
रिमझिमी बरसात होगी
चाँद छत पे और वो भी
देखिए क्या बात होगी
आज ऐसा लग रहा है
प्रेम की शुरुआत होगी
और शायद ख़्वाब में ही
सज रही बारात होगी
— Aman G Mishra
वो ग़ज़ल की रात होगी
गुनगुनाए गीत सावन
रिमझिमी बरसात होगी
चाँद छत पे और वो भी
देखिए क्या बात होगी
आज ऐसा लग रहा है
प्रेम की शुरुआत होगी
और शायद ख़्वाब में ही
सज रही बारात होगी
Other ghazal from the same pen
Shers of chaand.
Voices in the same orbit
Poetry by feeling