charaagon kii sabhi taqat andhera jaanta hai | चराग़ों की सभी ताक़त अँधेरा जानता है

  - Ansar Ethvi

चराग़ों की सभी ताक़त अँधेरा जानता है
बहुत अच्छे से सूरज को सवेरा जानता है

ख़ुदा के बाद की है दस्तरस जो जान पाया
मिरे अंदर की बातें दिल ये मेरा जानता है

नहीं ऐसा नहीं होता कि शाखों को बदल दे
परिंदा अच्छे से अपना बसेरा जानता है

बहुत मुश्किल नहीं है काम ऐसा भी मगर हाँ
यूँँ साँपों को पकड़ना तो सपेरा जानता है

कहाँ कैसे चुराना और फिर कितना चुराना
ये सब तरकीब तो शातिर लुटेरा जानता है

  - Ansar Ethvi

Baaten Shayari

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