लड़ने को तो होती नहीं लश्कर की ज़रूरतएक दौर में काफ़ी थी बहत्तर की ज़रूरतजो मेरे लिए ही हो परेशानी का बाइसमुझ को नहीं ऐसे किसी रहबर की ज़रूरतकाफ़ी है डुबाने के लिए एक ही क़तराकिस को है जहाँ में यूँ समुंदर की ज़रूरतशीशे के मकाँ उन को ही अच्छे नहीं लगतेजिन को है हमेशा से ही पत्थर की ज़रूरत— Ansar Eatvi