kya bataaye ab tumhein kya chal raha hai | क्या बताए अब तुम्हें क्या चल रहा है

  - Aves Sayyad

क्या बताए अब तुम्हें क्या चल रहा है
दिल में बस यादों का मेला चल रहा है

कोई अनबन ही नहीं हम दोनो में अब
चाहता है जो वो वैसा चल रहा है

बेझिझक सोए हुए है हम यहाँ पर
और ख़्वाबों का ये धंधा चल रहा है

रात, तन्हाई, उदासी, तेरी यादें
उसपे ये नुसरत का गाना चल रहा है

पर कटे हैं, हौसला बाक़ी है अब भी
पेड़ से गिर कर परिंदा चल रहा है

वक़्त मेरा हिज़्र का है यार लेकिन
एक दिन तुझ पर बकाया चल रहा है

जिंदा रहना और करना शायरी भी
काम ये शाना-ब-शाना चल रहा है

फूल है कोई न कोई इत्र तो फिर
क्या है जो इतना महकता चल रहा है

लोग अक्सर घर पे आकर कहते है अब
आपका साहब ये बेटा चल रहा है

मैं तो सय्यद कब का थक कर रुक गया हूँ
धूप में पर मेरा साया चल रहा है

  - Aves Sayyad

Breakup Shayari

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