उम्र भर यारों मैं जिस के साथ सोया
उस के जाने पर मैं ख़ाली हाथ सोया
यार उस को भूलने के वास्ते मैं
जाने कितनी रातें उस के साथ सोया
मेरा दिल तो जानता तक था न उस को
अब के पहलू में जो मेरे साथ सोया
और मोहब्बत होना तो लाज़िम है उस को
जो भी बस इक रात उस के साथ सोया
— Brajnabh Pandey















