ये ख़बर है जान कितनों की गई है

तू मोहब्बत में अभी थोड़ी नई है

तू नहीं इकलौता मेरे प्यार में गुम
तुझ से पागल और भी हैं ये कह गई है

मार डालूँगी जो आए लेट इस बार
ख़ुद नहीं आई जो धमकी दे गई है

दूसरी तो कोई भी दिक़्क़त नहीं है
इक परी बस मेरी ख़ुशियाँ खा गई है

मेरे आँसू तो निकलते ही नहीं अब
इक महीने से वो नैहर क्या गई है

— Brajnabh Pandey

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