शीशेसेज़ियादानाज़ुकथायेशीशा-ए-दिलजोटूटगया
मतपूछोकिमुझपरक्यागुज़रीजबहाथसेसाग़रछूटगया
तारीकी-ए-महफ़िलकाशिकवातुमकरतेहोऐदीवानोक्यूँँ
ख़ुदशम्अ''बुझादीहैतुमनेख़ुद-बख़्ततुम्हाराफूटगया
साक़ीकीनज़रउठतीहीनहींक्यूँँबादा-ओ-साग़रकीजानिब
सरमाया-ए-मय-ख़ानाआकरक्याकोईलुटेरालूटगया
महरूमी-ए-क़िस्मतकाआलमक्यापूछरहेहोतुममुझसे
मंज़िलतोअभीहैदूरबहुतऔरइकइकसाथीछूटगया
उठताहै'दानिश'दिलसेधुआँआँखोंसेटपकतेहैंआँसू
क्याआतिश-ए-ग़मदेनेलगीलौक्यादिलकाफफूलाफूटगया