रवानीग़मकीजिसमेंथीवोजौहरदेदियामैंने
ग़ज़लप्यासीथीजज़्बोंकासमुंदरदेदियामैंने
जिसआबादीमेंबे-सूरजअँधेराहीअँधेराथा
उसेभीचाँदनी-रातोंकामंज़रदेदियामैंने
जोमुद्दतसेगिरेथेबे-पर-ओ-बालीकीखाईमें
उड़ानोंकेलिएउनकोभीशहपरदेदियामैंने
जोपलकोंपरसजाकरआसकेकुछख़्वाबबैठेथे
उन्हेंउनकीतमन्नाओंकामज़हरदेदियामैंने
कहो'दिलदार'मुझसेऔरक्याअबचाहिएतुमको
तुम्हारेशहरकोतहज़ीबकाघरदेदियामैंने