कुछज़िंदगीमेंलुत्फ़कासामाँनहींरहा
दिलऐसाबुझगयाकोईअरमाँनहींरहा
वोजोश-ए-बे-ख़ुदीकाहैआलमकिआज-कल
ज़िंदाँमेंहमनहींहैंकिज़िंदाँनहींरहा
वोदिलहीक्याख़लिशहीनहोजिसमेंदर्दकी
वोगुलहीक्याजोज़ीनत-ए-दामाँनहींरहा
हरइंक़लाबवक़्तकेसाँचेमेंढलगया
मरकज़पेअपनेअबकोईइंसाँनहींरहा
हरएकअपनाख़ूनपिएजारहाहैआज
इंसानइसज़मानेमेंइंसाँनहींरहा
होतीहैअबतरन्नुम-ए-दिलकशपेवाहवाह
बज़्म-ए-सुख़नमेंकोईसुख़न-दाँनहींरहा
लायाहैउसकोखींचकेशौक़-ए-अदबयहाँ
'फ़ैज़ी'कभीभीदादकाख़्वाहाँनहींरहा