ऐसा कभी भी हमने इरादा नहीं किया
घर जाके उसके कोई तमाशा नहीं किया
हम जब भी पूछते हैं उन्हें धोखे का सबब
कहते हैं तुमने 'इश्क़ ज़ियादा नहीं किया
क्या ग़म कि 'इश्क़ ने हमें बर्बाद कर दिया
पर हमने कोई काम अधूरा नहीं किया
अंजाम पहले से ही बताया था लोगों ने
हमने मगर किसी का भरोसा नहीं किया
तुझसे जुदा हो कर भी तिरा ही रहा हूँ मैं
इक पल किसी भी ग़ैर पे ज़ाया' नहीं किया
वो शख़्स जिसको फ़ख़्र था अपनी ज़ुबान पर
उसने तो एक वा'दा भी पूरा नहीं किया
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