vo log mere bahut pyaar karne waale the | वो लोग मेरे बहुत प्यार करने वाले थे

  - Jamal Ehsani

वो लोग मेरे बहुत प्यार करने वाले थे
गुज़र गए हैं जो मौसम गुज़रने वाले थे

नई रुतों में दुखों के भी सिलसिले हैं नए
वो ज़ख़्म ताज़ा हुए हैं जो भरने वाले थे

ये किस मक़ाम पे सूझी तुझे बिछड़ने की
कि अब तो जा के कहीं दिन सँवरने वाले थे

हज़ार मुझ से वो पैमान-ए-वस्ल करता रहा
पर उस के तौर-तरीक़े मुकरने वाले थे

तुम्हें तो फ़ख़्र था शीराज़ा-बंदी-ए-जाँ पर
हमारा क्या है कि हम तो बिखरने वाले थे

तमाम रात नहाएा था शहर बारिश में
वो रंग उतर ही गए जो उतरने वाले थे

उस एक छोटे से क़स्बे पे रेल ठहरी नहीं
वहाँ भी चंद मुसाफ़िर उतरने वाले थे

  - Jamal Ehsani

Anjam Shayari

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