हर बातिन जिस का ज़ाहिर मुख़ालिफ़ होबातिल हैऔरवो ज़ाहिरजो बातिन से हम-आहंग न होरिया हैतुमजो अपने ज़ाहिर को बातिन से नहीं मिला सकेकार-ज़ार-ए-हयात में क्या कर सकते होब-जुज़ दिखावा— Javed Nadeem