us ne koi to dam padha hua hai | उस ने कोई तो दम पढ़ा हुआ है

  - Jawwad Sheikh

उस ने कोई तो दम पढ़ा हुआ है
जिस ने देखा वो मुब्तला हुआ है

अब तिरे रास्ते से बच निकलूँ
इक यही रास्ता बचा हुआ है

आओ तक़रीब-ए-रू-नुमाई करें
पाँव में एक आबला हुआ है

फिर वही बहस छेड़ देते हो
इतनी मुश्किल से राब्ता हुआ है

रात की वारदात मत पूछो
वाक़ई एक वाक़िआ हुआ है

लग रहा है ये नर्म लहजे से
फिर तुझे कोई मसअला हुआ है

मैं कहाँ और वो फ़सील कहाँ
फ़ासले का ही फ़ैसला हुआ है

इतना मसरूफ़ हो गया हूँ कि बस
'मीर' भी इक तरफ़ पड़ा हुआ है

आज कुछ भी नहीं हुआ 'जव्वाद'
हाँ मगर एक सानेहा हुआ है

  - Jawwad Sheikh

Neend Shayari

Our suggestion based on your choice

More by Jawwad Sheikh

As you were reading Shayari by Jawwad Sheikh

Similar Writers

our suggestion based on Jawwad Sheikh

Similar Moods

As you were reading Neend Shayari Shayari