अजब से झूठ कहता हूँ
मैं सब से झूठ कहता हूँ
किसी ने सच नहीं माना
तो जब से झूठ कहता हूँ
वकीलों से भी यारी हैं
अदब से झूठ कहता हूँ
किया था इश्क़ मैं ने भी
सो तब से झूठ कहता हूँ
यक़ीं मत कर तू ऐ दुनिया
मैं रब से झूठ कहता हूँ
मेरी ये बात सच है बस
मैं सब से झूठ कहता हूँ
तुझे सब कुछ बता दूँ क्या
कि कब से झूठ कहता हूँ
— "Nadeem khan' Kaavish"















