हर इक बुरी नज़र से बचा कीजिए हुज़ूर

दिल में हमारे आप रहा कीजिए हुज़ूर

काटें हम एक साथ सज़ा जिस की उम्र भर
ऐसी कोई हसीन ख़ता कीजिए हुज़ूर

पेचीदा मोड़ इश्क़ में आगे भी आएँगे
यूँ बात बात पर न डरा कीजिए हुज़ूर

इन की नसीहतें किसी नेमत से कम नहीं
कोई बड़ा कहे तो सुना कीजिए हुज़ूर

इल्ज़ाम बे वफ़ाई का और मेरी ज़ात पर
इस बात पर ज़रा तो हया कीजिए हुज़ूर

अब अनक़रीब है मेरी क़िस्मत का फ़ैसला
अब आप मेरे हक़ में दुआ कीजिए हुज़ूर

पहली सी क्यूँ दिलों में मोहब्बत नहीं रही
इस बात का ख़ुद आप पता कीजिए हुज़ूर

काशिफ़ को भी ख़ुमारे मोहब्बत की है तलाश
बस एक जा
में इश्क़ अता कीजिए हुज़ूर

— Kashif Adeeb Makanpuri

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