हमारे बा'द अब महफ़िल में अफ़्साने बयाँ होंगेबहारें हम को ढूँढेंगी न जाने हम कहाँ होंगेइसी अंदाज़ से झूमेगा मौसम गाएगी दुनियामोहब्बत फिर हसीं होगी नज़ारे फिर जवाँ होंगेन हम होंगे न तुम होगे न दिल होगा मगर फिर भीहज़ारों मंज़िलें होंगी हज़ारों कारवाँ होंगे— Majrooh Sultanpuri