dil ne dii phir vahii sadaa shaam bahut udaas hai | दिल ने दी फिर वही सदा शाम बहुत उदास है

  - Nakul kumar

दिल ने दी फिर वही सदा शाम बहुत उदास है
अब करे भी तो क्या भला शाम बहुत उदास है

यूँँ तो उमीद है नहीं आपके आने की मगर
दिल ने पुकार ही लिया शाम बहुत उदास है

सामने मेरे बुझ गया रात का फ़ैसला दिए
मुझ सेे चराग़ ने कहा शाम बहुत उदास है

बैठ के यूँँ ही दर्द में कुछ भी नहीं है फ़ायदा
हम कहीं तो हो मुब्तला शाम बहुत उदास है

सानेहा तो गुज़र गया दर्द हुआ है जावेदाँ
दिन ढला तो गुमाँ हुआ शाम बहुत उदास है

  - Nakul kumar

Awaaz Shayari

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