"होली"
ये होली का हुड़दंग है यारों
होली का हुड़दंग
न कोई छोटा न बड़ा
खेलें मिल कर संग
होली का हुड़दंग है यारों
होली का हुड़दंग
कहीं थाल अबीर भरी
कहीं रंगों से भरी पिचकारी
कभी तू मुझ को रंग लगाए
कभी रंगों की मेरी बारी
दुश्मन भी अब दोस्त बनकर
झू
में मस्त मलंग
ये होली का हुड़दंग है यारों
होली का हुड़दंग
कल की फ़िक्र छोड़कर यारो
इस पल में जीना सीखें
रंगों को जीवन में अपनाकर
आओ जीवन जीना सीखें
भूल कर उन ग़मों को यारों
आओ झू
में नाचे संग
ये होली का हुड़दंग है यारों
होली का हुड़दंग
पकवानों के स्वाद में
समय बीत न जाए बा'द में
कोई गुलाल लगाओ यारो
कोई लगाओ रंग
— Naviii dar b dar















