आसमाँ से उतर गया होगा
चाँद फिर अपने घर गया होगा
उस का तो घर भी छिन गया उस से
वो कहाँ किस के दर गया होगा
लाश तो मेरी मिल गई होगी
कोई तो मेरे घर गया होगा
उस दिवाने का हाल मत पूछो
वो दिवाना तो मर गया होगा
तंग तो मैं भी हो गया उस से
मन तो उस का भी भर गया होगा
— Ali Nazim Adam















