aani jaani har mohabbat hai chalo yoon hi sahi | आनी जानी हर मोहब्बत है चलो यूँं ही सही

  - Nida Fazli

आनी जानी हर मोहब्बत है चलो यूँं ही सही
जब तलक है ख़ूबसूरत है चलो यूँं ही सही

हम कहाँ के देवता हैं बेवफ़ा वो हैं तो क्या
घर में कोई घर की ज़ीनत है चलो यूँं ही सही

वो नहीं तो कोई तो होगा कहीं उस की तरह
जिस्म में जब तक हरारत है चलो यूँं ही सही

मैले हो जाते हैं रिश्ते भी लिबासों की तरह
दोस्ती हर दिन की मेहनत है चलो यूँं ही सही

भूल थी अपनी फ़रिश्ता आदमी में ढूंढ़ना
आदमी में आदमिय्यत है चलो यूँं ही सही

जैसी होनी चाहिए थी वैसी तो दुनिया नहीं
दुनिया-दारी भी ज़रूरत है चलो यूँं ही सही

  - Nida Fazli

Justaju Shayari

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