मिलेग़ैरोंसेमुझकोरंजओग़मयूँँभीहैऔरयूँँभी
वफ़ा-दुश्मनजफ़ा-जूकासितमयूँँभीहैऔरयूँँभी
कहींवामिक़कहींमजनूँरक़मयूँँभीहैऔरयूँँभी
हमारेनामपरचलताक़लमयूँँभीहैऔरयूँँभी
शब-ए-वादावोआजाएँनआएँमुझकोबुलवालें
इनायतयूँँभीहैऔरयूँँभीकरमयूँँभीहैऔरयूँँभी
उदूलिक्खेमुझेनामातुम्हारीमोहरउसकाख़त
जफ़ायूँँभीहैऔरयूँँभीसितमयूँँभीहैऔरयूँँभी
नख़ुदआएँनबुलवाएँशिकायतक्यूँँनलिखभेजूँ
इनायतकीनज़रमुझपरकरमयूँँभीहैऔरयूँँभी
येमस्जिदहैयेमय-ख़ानातअज्जुबइसपरआताहै
जनाब-ए-शैख़कानक़्श-ए-क़दमयूँँभीहैऔरयूँँभी
तुझेनव्वाबभीकहतेहैंशाइ'रभीसमझतेहैं
ज़मानेमेंतिरा'साइल'भरमयूँँभीहैऔरयूँँभी