ऐ सितारों के चाहने वालोआँसुओं के चराग़ हाज़िर हैंरौनक़-ए-जश्न-ए-रंग-ओ-बू के लिएज़ख़्म हाज़िर हैं दाग़ हाज़िर हैं— Saghar Siddiqui