"तब याद हमारी आएगी"
जब अंबर बादल बरसेगा
तब तेरा आँगन तरसेगा
जब धूप जहाँ को भाएगी
तब तेरा चेहरा झुलसेगा
जब तुझ को हर सूरत में
मेरी सूरत नज़र ही आएगी
जब सारा जग सो जाएगा
और नींद तुझे न आएगी
तब याद हमारी आएगी
तब याद हमारी आएगी
जब चारों तरफ़ उजाला होगा
तब तेरे लिए सब काला होगा
जब प्यार की प्यास लगेगी तुझ को
तब ख़ाली हर एक प्याला होगा
जो काटे थे हम ने संग में
उन पलों से जब तेरा पाला होगा
कर याद उन्हें तू रोएगी
तब न कोई आँसू पोछने वाला होगा
जब ख़ामोशी और बेचैनी
तुझे अंदर से खा जाएगी
जब तू जीना तो चाहेगी
पर साँस तुझे न आएगी
तब याद हमारी आएगी
तब याद हमारी आएगी
— Sarvjeet Singh















