आँखों को लाजवाब तो होना ही चाहिए
या'नी इन्हें शराब तो होना ही चाहिए
ये भी नहीं के बात से सब आश्कार हो
देने को इक गुलाब तो होना ही चाहिए
कार-ए-वफ़ा के नाम पे कार-ए-जफ़ा करे
उस शख़्स पर लुआब तो होना ही चाहिए
यक बैक उन को राह में हम-राह देख कर
क़दमों पे इज़्तिराब तो होना ही चाहिए
यूँ मुँह उठाए काम की बातों पे लग गए
थोड़ा सा जी जनाब तो होना ही चाहिए
क्या है अगर मैं हो गया थोड़ा बहुत नवाब
थोड़ा बहुत नवाब तो होना ही चाहिए
— Adnan Ali SHAGAF















