siyaane the magar itne nahin ham | सियाने थे मगर इतने नहीं हम

  - Shariq Kaifi

सियाने थे मगर इतने नहीं हम
ख़मोशी की ज़बाँ समझे नहीं हम

अना की बात अब सुनना पड़ेगी
वो क्या सोचेगा जो रूठे नहीं हम

अधूरी लग रही है जीत उस को
उसे हारे हुए लगते नहीं हम

हमें तो रोक लो उठने से पहले
पलट कर देखने वाले नहीं हम

बिछड़ने का तिरे सदमा तो होगा
मगर इस ख़ौफ़ को जीते नहीं हम

तिरे रहते तो क्या होते किसी के
तुझे खो कर भी दुनिया के नहीं हम

ये मंज़िल ख़्वाब ही रहती हमेशा
अगर घर लौट कर आते नहीं हम

कभी सोचे तो इस पहलू से कोई
किसी की बात क्यूँँ सुनते नहीं हम

अभी तक मश्वरों पर जी रहे हैं
किसी सूरत बड़े होते नहीं हम

  - Shariq Kaifi

Motivational Shayari in Hindi

Our suggestion based on your choice

More by Shariq Kaifi

As you were reading Shayari by Shariq Kaifi

Similar Writers

our suggestion based on Shariq Kaifi

Similar Moods

As you were reading Motivational Shayari in Hindi Shayari