रात कटती जा रही है याद में
याद अब भी आ रही है याद में
मामला देखो ज़रा संगीन है
साँस थमती जा रही है याद में
कब तलक़ जाने ख़ुदा बारिश गिरे
पत्तियां मुरझा रही है याद में
आँसु देखो सूखते हैं आँख के
रो नहीं वो पा रही है याद में
हंस रहे जो फूल को तुम तोड़ कर
तितलियाँ घबरा रही है याद में
मुँह बनाती थी मिरे जो शे'र पर
नज़्म मेरी गा रही है याद में
— Shubham Seth















