उस घूँघट में इक चेहरा है उस चेहरे पे इक तिल भी हैउस तिल पे हमारी जान फिदा कुरबान उसी पर दिल भी हैवो सत्रह आशिक़ क़त्ल हुए इन तेरी फ़रेबी नज़रों सेइक हद तक तो मासूम तू है पर इक हद तक क़ातिल भी है— Shubham Seth